Sunday, September 30, 2012

पांच साल हो गए

प्रिये
दिल को प्यार हुए पांच साल हो गए
दिल को बिमार हुए पांच  साल हो गए
आंखे चार हुए पांच साल हो गए  ।

पांच साल पहले रुसवाई थी जिंदगी मै
तुमने  नई रोशनी जगाई थी जिंदगी मै

दिल को प्यार हुए पांच साल हो गए
दिल को बिमार हुए पांच साल हो गए
आंखे चार हुए पांच साल हो गए  ।

पांच साल पहले थामा था तुम्हारा हाथ
वादा निभाऊगा जीवन भर साथ

दिल को प्यार हुए पांच साल हो गए
दिल को बिमार हुए पांच  साल हो गए
आंखे चार हुए पांच साल हो गए  ।



Saturday, September 22, 2012

पिताजी ने दिलाया मुझे एक और जीवन साथी

आज में फिर एक बार खुश हू,, हर बार की तरह मेरे पिताजी ने अपनी खुशियों और चिंताओ का त्याग करके मुझे लेपटाप दिला दिया... सच बताऊ इस मेरे पिताजी के इतने बड़े शौकीन है कि हमें कोई भी शौक की आदत पालने की जरुरत नही है सारे शौक पिताजी  के शौक के बहाने पूरे हो जाते है।

हमारे घर में हमेशा यह डर लगा रहता है कि पिताजी आज कुछ नया खरीद न लाये ... क्योंकि मै एक मध्यमवर्गी परिवार से संबध रखता हू महीने के आखिरी दो हफ्ते आते आते पैसे की कमी महसूस होने लगती है पर पिताजी सारी चीजों को एक तरफ करके हमारी शौक और पढाई को ज्यादा तवज्जों देते है।gud nite
 

 

 

Friday, August 24, 2012

पानी के रिसाव से फुटओवर बिज्र की लिफ्ट खराब, बिजली के नंगे तार दे रहे बड़े हादसे को न्यौता


 विशेष रिर्पोट- निहाल सिहं
नई दिल्ली 24 अगस्त। राष्ट्रमंडल खेलों से पूर्व दिल्ली को दुल्हन की तरह सजाया गया था। और दिल्ली को सजाने के लिए करोड़ो की राशि को पानी की तरह बहाया गया था। लेकिन राष्ट्रमंडल खेलों पर कार्य को करने में ढिलाई बरतने की पोल अब खुलती जा रही है। जिसका सबूत मथुरा रोड़ पर लगे एक फुटओवर बिज्र की वर्तमान खस्ता हालत से लागया जा सकता है।
मथुरा रोड़ पर पुराने किले के नजदीक लालबत्ती के पास करदाताओं की खून-पसीने की कमाई को खर्च करके लाखों रुपये की लागत से बनाया गया फुटओवर बिज्र पर बारिश का पानी जाने से लिफ्ट खराब पड़ी है। जिसके कारण कई बुर्जग और महिलाओं को सड़क पार करने के लिए खासी परेशानियां झेलनी पड़ती है। लिफ्ट खराब होने की बजह से महिलाए और बुर्जग आमतौर पर जोखिम उठाकर बिना फुटओवर बिज्र के सड़क पार करने मजबूर है।
बताते चले की इस फुटओवर बिज्र के पास उच्च न्यायलय से आने वाले ज्यादातर लोग इसका इस्तेमाल किया करते थे। लेकिन लिफ्ट के खराब हो जाने के कारण लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
एक बुर्जग महिला ने बातचीत को दौरान बताया कि वह आमतौर पर सड़क पार करने के लिए इस फुटओवर बिज्र का इस्तेमाल किया करती थी लेकिन लगभग दो तीन सप्ताह पहले से यह लिफ्ट खराब पड़ी है जिसके कारण वह जोखिम उठाकर सड़क पार करती है।
फुटओवर बिज्र के रखरखाव से जुड़े एक व्यक्ति ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह लिफ्ट कुछ दिन पहले हुई बारिस के पानी जाने से खराब है। जिसकी शिकाय़त वह इसकी मरमम्त से जुड़े लोगों से भी कर चुके हैं लेकिन अभी तक किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली। रोजाना सैकड़ो राहगीर लिफ्ट तक आते है लेकिन लिफ्ट के खराब होने के कारण हमको कोस कर चले जाते है। जो लोग सीढिया का उपयोग कर सकते हैं वो लोग सीढियों से चले जाते है। जबकि बुर्जग और महिलाएं बिना पैदल पार पथ के ही सड़क को पार करते हैं।
साथ ही फुटओवर बिज्र को बिजली देने के लिए लगे पास में एक बिजली के खम्बे को खुला छोड़ रखा है। जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बारिस के कारण आस पास के फुटपाथ पर लगी जालियों मै कंरट फैलने का भी खतरा बना हुआ है। लेकिन संबधित विभाग के लोग इस गलती से अनजान बनकर मोटी तनखांवाए लेने में व्यस्त है।

Thursday, August 2, 2012

मुझे दुख है कि मैनें अरंविद केजरीवाल जैसै हिजडै वाली टीम अन्ना को देखा है'

आज मैने जब अपने फेसबुक पर लिखा कि 'मुझे दुख है कि मैनें अरंविद केजरीवाल जैसै हिजडै वाली टीम अन्ना को देखा है' तो मेरे एक मित्र ने मुझे फोन करके पूछा कि क्या हुआ तुम पहले तो अन्ना हजारे का समर्थन करते थे पर आज गाली दे रहे हो क्या हो गया हमें भी बताओ तो मैने कहा मै आपको ही नही सार्वजनिक तौर पर मुझसे जुड़े सभी लोगो बताउगा....

मित्रो कल तक अनशन करके और लोगों की भावनाओं को पकड़कर आंदोलन का ढोंग कर रही हिजड़ी टीम अन्ना ने आज अपना असली रुप दिखा ही दिया । भ्रष्ट्राचार के नाम पर राजनैतिक विकप्ल देने की बात कर रहा केजरीवाल भी नेता बनना चाहता है। ये हिजड़े अनशन के नाम पर भगत सिहं को आदर्श मानकर देशभक्तो को जोड़ने की कोशीश कर रहे थे। भगत सिहं को आदर्श माना ठीक बात है और अनशन रखा वो भी ठीक था लेकिन ये क्या कि देखा कि सरकार पर कोई असर नही पड़ रहा है तो अनशन तोड़ दिया और हिजड़ी टीम अन्ना कहने लगी की 23 जाने माने लोगो के कहने पर हम अब देश को राजनैतिक विकल्प देगे। कुत्तो की औलादो शर्म नही आई ये कहते हुए कि कल हम अपना अनशन तोड़ देगे। एक हिजड़ा केजरीवाल मर जाता तो क्या होता क्या देश से भष्टाचार नही जाता । जैसे की भगत सिहं के शहीद होने के बाद हमें आजादी न मिली । भगत सिहं शहीद हुए तभी युवाओं का खून खोला और फिर देश ने आजादी देखी.....

हिजड़ी टीम अन्ना ने मरने के ड़र अनशन खत्म करा और चल पड़े नेता बनने।

Tuesday, July 31, 2012

अन्ना के समर्थन मे कांटो पर लेटा युवक


नई दिल्ली (हि.स.) जनलोकपाल और केन्द्रीय मंत्रियों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार को लेकर विशेष जांच दल के गठन की मांग को लेकर आंदोलनरत टीम अन्ना के अनशन में बढ़ रही भीड़ को देखकर लोगों में जोश भरता जा रहा है। इस दौरान अन्ना समर्थक अलग-अलग वेश-भूषा में अनशन स्थल पर देखे जा सकते हैं। इतना ही नहीं मंगलवार को उत्तर प्रदेश का एक युवक कांटो भरे पेड़ की डालियों पर लेटकर अन्ना के समर्थन में अनशनरत है। 
उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छोटे से कस्बें से आया हुआ एक युवक लोगों में आंदोलन का प्रतीक बन रहा है। 27 वर्षीय सत्यनारायण सिसोदिया बबूर के पेड़ की ड़ाली पर लेट कर अनशनरत हैं। उनका कहना है कि देश में युवाओं के होते हुए भी हमारे बुजुर्ग अन्ना हजारे अनशन पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भ्रष्ट्राचार के कारण भारत माता काटों पर लैटी हुई हैं इसलिए अपनी भारत मां के लिए मैं भी कांटो पर लेट कर अनशन कर रहा हूं।
अक्सर देखा गया है कि अन्ना के आंदोलन में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए लोग अक्सर नए-नए तरीकों से आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। कोई अनशन में अपने शरीर पर तिरंगा छपावकर लोगों को आकर्षित कर रहा है। तो कोई कम्र उम्र के बच्चों के हाथ में तिरंगा थमा कर अकार्षण का प्रतीक बना हुआ है। कई लोंग सरकार पर व्यंग्यात्मक नारों से जनता को आकर्षित करने में लगे हैं।
इतना ही नहीं सत्यनाराण सिसौदिया के कांटों पर लैटने से उसकी पीठ बुरी तरह जख्मी हो चुकी है। जिसके कारण अन्ना हजारे ने भी सत्यनारयण से अपील की वो अपनी जिद को त्याग दें। लेकिन उसका कहना है कि वह अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करने के बाद ही अब वह यहां से उठूगां।
युवक उत्तर प्रदेश से बारहवीं पास है। उसका कहना है कि देश में भ्रष्ट्राचार के कारण उसे नौकरी नहीं मिली जिसके कारण वह खेती करता है। युवक शादी-शुदा है उसकी एक बेटी भी है।

हिन्दुस्थान समाचार/31.07.2012/निहाल

Friday, July 13, 2012


निहाल सिहं । नई दिल्ली ।।  जेल में बंद करा देगें जानते नही हो हम कौन है। आजकल राजधानी दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट के वकील यही कहते नजर आते है। कोर्ट के स्टांप पेपर बिक्री काउंटर समस्यओं का पहाड़ है। प्रशासन की मिली भगत से अवैध पार्किंग की समस्या आम बन चुकी है। धूप और बारिश में खडें होकर लोग स्टांप पेपर खरीदने को मजबूर है। स्टांप पेपर के खिड़की पर गंदगी आदि सब समस्याए आम बन चुकी है। न तो प्रशासन इसकी ओर ध्यान देता है । और दे भी क्यों क्योंकि कोर्ट में सब चलता है।
स्टांप पेपर बिक्री काउटर पर स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी की बदतमजी के लोग  आदि हो चुके है। कर्मचारी और कोर्ट परिसर में घूमते स्टांप पेपर के दलालों की मिली भगत से सब कुछ चल रहा है। क्योंकि दलाल और वकील मिलकर
कर्मचारी के हौसलें को बुलंद करते है।  भारी कमीशन के लालच में कर्मचारी सरेआम वकीलों और दलालो को खिड़की के अंदर से ही स्टांप पेपर को मुहैया करा देता है। जब लाइन में लगे हुए लोग इस बात को विरोध करते है, तो उन्हें विरोध करने के पर धमकियां दी जाती है कि ज्यादा विरोध किया तो जेल में बंद करा देगें। और पता भी नही चलेगा कहा गायब करा दिए जाओगें। कभी कभी तो ये लोग स्टांप काउंटर पर खडें लोगो के साथ गाली गलौच भी करते नज़र आ जाते है।
   दक्षिणी पुरी में रहने वाले निशांत का कहना है था कि में यहा पर पिछले एक घंटे से लाइन में लगा हुआ हूँ। लेकिन मेरा आगे सिर्फ चार व्याक्ति खडे हुए है लेकिन एक घंटा लाइन ख़डे होने पर मुझे स्टांप पेपर मिला है। स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी का व्यवहार बहुत ही खराब है।

विजय शेट ने कहा कि ये लोग आम जनता को वेबखूफ बनाते है । दलालों से मिली भगत होने के कारण ये दलालों को स्टांप पेपर बेच देते है। जिससे ये दलाल भारी कमीशन पर लोगों को बेच देते है ।  स्टांप पेपर बिक्री कर्मचारी जानबूझ कर लोगों के साथ गलत तरीके से पेश आता है ताकि मजबूर होकर लोग दलालों से स्टांप पेपर को खरीदे।
सूत्रो ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दलालों को एक ग्रोह बहुत ही सक्रीय है । और यह ग्रोह कर्मचारियों से मिलकर काम करता है ।जिससे कर्मचारियों को  भी अच्छा खासा कमीशन मिल जाता है ।

Sunday, July 8, 2012

रेहड़ी-खोमचों पर खाद्य सामग्री के लिए बनाए मानक


तरुण वत्स/ निहाल सिहं । अक्सर घर से बाहर जाकर आपका दिल गोल-गप्पे, फल, चाट आदि खाने का होता होगा। आप शौक व स्वाद में रेहड़ी, खोमचों से ऐसी वस्तुएं खा तो लेते हैं लेकिन इन रेहड़ी- खोमचे लगाने वालों की साफ-सफाई और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देते।
अब भारतीय मानक ब्यूरो ने  जनता के स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए रेलवे स्टेशनढाबों और गली-मोहल्ले में खाने पीने के सामान के रेहड़ी-खोमचे लगाने वालों के लिए साफ-सफाई और गुणवत्ता के मानक तैयार किए हैं।  बी.आई.एस द्वारा तैयार इन मानकों में रेहड़ी या ढाबा कहां लगाना हैखाना कैसे बनाना व परोसना हैकिस प्रकार का कच्चा मालसामग्री का इस्तेमाल करना हैतैयार भोजन को कैसे लाना-ले जाना है,उसे किस प्रकार के बर्तन में रखना है जैसी बातें शामिल हैं।
पिछले कई महीनों में फास्ट फूड व चाट-पकौडे जैसे खाने के सामान लगाने वालों की तादाद बढ़ी है। खासतौर से शहरी इलाकों में इनकी संख्या में भारी बढ़ोत्तरी देखी गई है। अक्सर ये लोग बस-अड्डों, रेलवे स्टेशनों, गली-मोहल्लों, बाजारों में खड़े होकर अपना सामान बेचते नज़र आते हैं। ये अपना माल सस्ता तो देते ही हैं, साथ ही आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं।
शहरी क्षेत्रों में आने वाले इन लोगों की आय का स्रोत यही रेहड़ी व खोमचे होते हैं। ऐसे में बीआईएस द्वारा तैयार इन मानकों से खाद्य उद्योग के प्रति लोगों के विश्वास को बढ़ावा तो मिलेगा ही, साथ ही जता भी इन रेहड़ी-खोमचों से सामान खरीदते वक्त अपने स्वास्थ्य के प्रति कम चिंतित होगी।
मामले से जुडे बीआईएस के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘लोगों को स्वास्थ्यवर्धक और गुणवत्तापूर्वक खाने-पीने की चीज उपलब्ध कराने के इरादे से ये मानक बनाये गये हैं। इन मानकों में गुणवत्तापूर्ण कच्चा मालसामग्री का उपयोगपरिवहन तथा भंडारण के लिये इनसुलेटेड’ बर्तन का इस्तेमालप्रदूषण फैलने वाली जगह पर खाने-पीने की चीज नहीं बेचनासिर ढक कर खाना बनानाखाना परोसते समय हाथों में दस्ताने पहनना समेत साफ-सफाई का ध्यान रखनाकचरे को सही तरीके से फेंकनाकीट पतंगों से बचाव तथा इस विषय में व्यक्तिगत प्रशिक्षण के मानक शामिल हैं।’’
बीआईएस के अनुसार खाने को बार-बार गर्म करने से भी खाद्य पदार्थ दूषित हो सकता है। शिक्षा तथा जागरुकता की कमी से यह समस्या बढी है जिसे दूर करने की जरुरत है।

अधिकारी से जब यह पूछा गया कि इस तरह से खाद्य पदार्थ बेचने वालों के पास मानकों के अनुपालन के लिये संसाधन कहां से आएंगे तो उसने कहा कि लोगों में जैसे-जैसे इसके प्रति जागरुकता बढेगीखाद्य पदार्थ बेचने वाले मानकों को भी लागू किया जाएगा।’’ एक सवाल के जवाब में उसने कहा कि इन मानकों को अनिवार्य करने और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी सरकार पर है और सरकार को ही इस बारे में निर्णय करना है।
बीआईएस ने अबतक 18,700 मानक बनाये हैं जिसमें से केवल 83 अनिवार्य हैं। इन अनिवार्य मानकों में से 12मानक खाद्य पदार्थों से संबंधित हैं। बीआईएस ने इन मानकों को ऐसे दिशानिर्देश के रुप में तैयार किया है जिसके अनुपालन से खामेचेरेहडी तथा ढाबा में बिकने वाले खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता सुधरेगी और ग्राहकों को स्वास्थ्य के लिहाज से बेहतर खाद्य पदार्थ मिल सकेंगे।

इससे पहले कई नगर पालिकाओं के स्वास्थ्य विभागों ने बस स्टैंडस्कूलों के बाहर ठेलों व अन्य चौराहों पर कचौड़ीसमोसेजलेबी, फल, चाट व अन्य खाद्य पदार्थों को खुले में रखकर बेचने पर रोक लगा दी थी। इसका कारण यह बताया गया था कि खुली पड़ी खाद्य सामग्री पर मक्खियाँमच्छरकीड़े आदि बैठते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से जन-स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है व गंभीर बीमारियां फैलने का डर होता है। भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा बनाए इन मानकों से रेहड़ी-खोमचे लगाने वालों की खाद्य सामग्री की गुणवत्ता में ज़ाहिर तौर से सुधार होगा। हालांकि समय समय पर इस बात की जांच आवश्यक होगी कि क्या रेहड़ी-खोमचे लगाने वाले इन मानकों का ठीक से पालन कर रहे हैं ताकि इन मानकों को बनाने का मकसद ठीक से पूरा हो सके और जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न हो

Tuesday, May 15, 2012

मुझे नौकरी चाहिए ... क्या आप मेरी मदद करेंगे

प्रिय मान्यवर, बंधुवर
में आपको सूचित कर रहा रहा हु कि  में निहाल सिंह मेने भीम राव अम्बेडकर कॉलेज से पत्रकारिता कि पढाई  को पूरा कर लिया हैं.. और आप अवगत होंगे कि हर विद्याथी को कॉलेज से निकलने क बाद एक नौकरी कि तलाश होती हैं.. इस तरह मुझे भी एक नौकरी कि तलाश हैं... आप पिछले लगभग दो वर्ष से मेरे व्यवहार से भी से भी अच्छी  तरह परिचित हो गये होंगे. और नौकरी किसी भी संस्थान में मिले चाहे और प्रिंट और चाहे और किसी में भी में तैयार हु. बस में किसी भी तरह  से शुरुवात  करना चाहता हु.  मुझे आशा हैं कि आप किसी न किसी रूप में मेरी मदद करेंगे ...
 जब आपको लगे कि आप मेरी मदद कर सकते हैं तो कृपया मुझे बस एक फोन कॉल कर दे
 में इस मेल के साथ अपना रिज्यूमे भी सेंड कर रहा हु  आप देख ले..
 धन्यवाद 
निहाल सिंह
9999470587
8010302001

E- MAIL- nspalsingh@gmail.com



                  CURRICULUM VITAE

NIHAL SINGH  
Mobile: 09999470587, 08010302001
E-Mail:nspalsingh@gmail.com.
Blog 
:aatejate.blogspot.com.

 Career Objectives:-

Looking for a position in a result-oriented organization where acquired skills and education will be utilized towards continuous growth and advancement and also provide opportunity to learn new technologies.
Academic Qualifications:-

  • Xth  from C.B.S.E. Board, Delhi in 2007.
  • XIIth from C.B.S,E Board, Delhi in 2009.
  • B.A (Hons.) in Hindi Journalism & Mass Communication from  Delhi University

Experience:-

  • Worked in “ROJANA SABKI KHABAR” DAILY NEWSPAPER .
  • Worked in “AAJ KA SANDESH” T.V.news
  • Working in “INDIAN NEWSLINE SERVICES”National  Monthly  Magazine.
  • Working in “ DESH HITHA”  National Weekly Newspaper
  • Have written “Letter To Editor”in reputed National News papers.
Achievements :-

  • I have  participated in The Indian Television Academy ‘‘Beti short Film Contest’’ Competition.
  • I have participated in various Competitions in College

§   

Computer Knowledge :-

§  Knowledge of Computer & Internet.
§  Can easily operate Windows XP, Win 98.
§  Basic Knowledge of Computer Hardware
§  Basic Knowledge of  Qurak Xpress 5.0
§  Can maintain Databases of an office.
  • Knowledge of Hindi Typing.

 Major Strengths:-
   
§  Punctual and responsible
  • Innovative and Confident
  • Fluent Communication & Presentation Skills
  • Quick to learn, hardworking and sincere


Personal Details:-

            Name                                                                Nihal Singh
               Father’s Name                                                  Sh. R.R Pal              
            Born on                                                             14 Feb 1992                               
Postal Address                                                  US- 267, F Block, Gali No-03
              Mandawali Fazal Pur Delhi                          
Pin Code                                                           110092
            Sex                                                                   Male
Marital Status                                                  Single
Religion                                                            Hindu
Nationality                                                        Indian
Hobbies                                                            Reading News Paper & Listening                                                                               Music
            Languages Known                                            Hindi, English.
 Decleration :-
 
           
 I here by declare that the above information mentioned by me is correct to the best of my knowledge and belief.

Date:-
 Place:                                                                               
                                                                                                                        (NIHAL SINGH)

                                                                                                                                                              

Saturday, April 28, 2012

.आते जाते गुजर गए कॉलेज के दिन.....

 कॉलेज में आते समय तो फोटो खीचने का पता नहीं था, लेकिन कोशिश करते करते थोडा बहुत सीख लिया हैं. इसलिए जाते जाते आपसे कुछ तस्वीर साझा कर रहा हु ... उम्मीद हैं आपको पसंद आएँगी... ये तस्वीर आज की हैं यानि २८ अप्रैल ... जब कॉलेज का सेकंड लास्ट डे हैं ... बहुत मस्ती करी आज  मेने और कुछ दोस्तों को मजाक मजाक में परेशान भी किया...
 और यही कहूँगा इस कॉलेज में आते जाते बहुत कुछ सीखा हैं ..


Sunday, April 15, 2012

पत्रकारिता जिन्दाबाद PART-2

तरुण ------------  अंकुर --------- रहीसुद्दीन --
पत्रकारिता जिन्दाबाद 
dosto aaj mene apna vota dala  accha laga...
 ME AAJ AAPKO apni class k students ne milwata hu aapkoye sab wo hain jinse humne teen saal me ladaoi bhi ki or pyar b kiya hain lekin me aapko sach batau mene aaj tak dil se kisi ka bura nahi socha... or na hi kisi dost ki kisi se burai... halaki meri burai log karte hain ye muje pata hain kyoki me kisi b buri baat ka samarthan nahi karta...

meri burai karne ka karan muje lagta hain me khulle tor par buri baaton ka virodh karta hu ... or log aisa b kahate hain ki me hawai baate karta hu ... na to me hawai baate karta or na hi galat bataon ko sahan kar sakta hu...
kuch aise log hain jo mere khilaf galat prachaar karte hain kahte hain me hinduwadi inshan hu.. to isme bura kya hain ... me hinduwadi hu to hu isme bura kya hain me khule tor par iska samarthan karta raha hu or karta rahunga... ab mujse muh me ram bagal me churi wali baat to hogi nahi jo hu so hu ... me agar hinduwadi hu to log ise galat maante hain or logo ko mere khilaf bhadkaate hain.
.. दोस्तों में अपनी बातों के साथ साथ कुछ अपने दोस्तों की तस्वीरे शेयर कर रहा हु ... ये मेरे वो दोस्त हैं जिन्हें मेरे जिन्हें मेने सच में दोस्त mana hain..

हमारा नाम पूनम हैं 
भारती 
ye kafi ache dost hain kabhi kabi mere virodh k karan muje inse bhahas me matbhed bhi karne pade lekin hain bhaut badia abhi mene punam ki photo share ki ye ladki hain bhaut achi dil ki saaf hain jo man me aata hain sabke saamne bol deti hain.... muje aise log bhaut pasand aate hain... bhagawan aise logo ko tarkki de..
upar jo pahli photo hain wo hain tarun ankur or rahisuddin ...
tarun hosiyaar hain isme koi shak nahi hain lekin chalaak hain is par aapko vishwas nahi hoga ...ye apni vidhya lagakar kaam kar leta hain or kisi ko pata b nahi chalta hain ankur thoda namasamj hain abhi isse samaj aane me thoda samay lagega muje lagta hain ankur bhai bura mat maaanna lekin muje jo lagta hain wo mene bata diya ...
or ab bhaut badi badi baate ho gai to bade logo ki baaat kar lete hain ye hain humare rahisuddin bhai kafi samjadaar umar me sabse bade ye baat high court b jaanata hai delhi ka ... baato ko naap tol kar bolne walo me inhe pahachana jata hain... madadagaar insaan hain lekin thode kanjoos kism ke vyakti hain ye ... jo baat ap phone par karte hain ye sari baate ye bahi sms me samet lete hain...
or ye jo last wali ladki
BHARTI  aadat ki kafi achi hain bs bhaut jaldi aankoh me se paani nikal deti hain ... matlb ro jaati hain majak majak me lekin dil ki to ye b acchi hain..
bakki logo k baare me bataunga abhi net slow chal rha hain nahi to sabka photo ek sath share karke vivran karne ka man tha ..
BHARAT MATA KI JAI---- VANDE MATRAM

Saturday, April 14, 2012

मेरे कॉलेज के प्रोजेक्ट का आवरण पेज

kaisa laga aapko ye page ka layout ye mene apne collge k project k liye banaya tha ... aaj bhaut dino baad kuch likhne ka man hua to is  page k bahane likhne ki soch raha hu ...exam aa rhe hain or sath hi sath tenson badti ja rahi hain kyo k har saal to exam dene k baad intern karni hoti thi lekin ab chunooti bad gai hain kyoki ab intern ni karni ab JOB karni hain ..
pata ni kaha or kab job milegi lekin shayd muje lgta hain ab mahnat k din suru ho gye hain... teen saal bhaut saari pagalpantiya ki hain mene unme se ye blog b meri pagal panti me aata hain ,,,, sach batu to muje bada shok tha aisa kuch karne ka like website banane ka ... to ha hum kaha par the me bta raha tha ki teen saal ke andar  logo ki maane to humne bhaut kaam kiya hain rajneeti se lekar media me chaye huye the ye me ni kah raha aisa mere dost kahte hain... sach ya jhoot ye aap unse confirm kar lena lekin muje lagta hain mene in teen saal me kuch ni kiya sirf be faltu ki bhagdaudi k siwaye ...
log apni girlfrind patane me lage rahte the or hum pagalo ki tarah idhar se udhar pitaji ka paisa petrol me udate the mene collge k teen saal me bhaut kuch sikha hain apne dosto se kaisa paisa bachaya jata khaskar k ye baat mene sikhi hain apne kanjoos dosto se ...
ha to me kah rha tha ki mene teen saal apne pitaji ka paisa petrol me udaya log yani mere dost nai nai girlfrnd banate the or hum bhagte firte the logo nimartan dete the ki bhaiya aaj yaha aa jANA YAHA HUMNE EK SEMINAAR KA AYAOJAN karaya hain ... senior b khus rahte the nihal itne kam samay me seminaar ka aayojan gud ... loh seminaar me jaane k liye taraste the or hum seminaar ka aayojan karate the pitaji ka paisa ini kaamo me petrol me fukk jata tha ....bhaut jagah intern b ki lekin kisi naami jagah intern na karne ka malaal abhi tak rahta hai muje mere kuch ek dost aise the jinki ladkio se pr achi thi to wo star news chale gye intern karne or hum wahi k wahi rahe ... samaj aaya ki ladkio se pr badao bhai... pr badai lekin fir b intern ni kar paaye kisi bade channel me aisa ni hain ki muje waha intern nahi milli balki muje mil b jaati to me ni kar pata kyoki apne pass tym ka shortage bhaut rahta hain haalaki hum kaam to kuch nahi karte lekin tym ka shortage ki samasya humesha bani rahti hain...muje job to2 year me mil gai thi lekin kaha na ki hum job dene ki sochte the to job hume raas ni aai ...
job chod di fir malaal ho rha hain job chodne ka kuch to kamaya hota agar job kar rhe hote to kam se kam taane sunne ko to ni milte beta tmari shadi karni hain kuch kamana suru karo ladki wale puchte hain ldka kya karta hain to humse ans ni banta tm job b karo ... bhagwan ki dua se paise ki kami ni hain lekin
 AB NA NEED AA RHI HAI BAAKI KABHI OR PART-1

मेरे कॉलेज के प्रोजेक्ट का आवरण पेज

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Wednesday, February 8, 2012

भड़ास पर प्रोजेक्ट करने के बाद

 भड़ास पर रिसर्च : पत्रकारिता छात्र निहाल ने प्रोजेक्ट पूरा किया

भड़ास अब शोध का विषय भी बन चुका है. खासकर मीडिया के स्टूडेंट्स के लिए. अपनी स्थापना के कुछ ही वर्षों में पूरे देश के मीडिया जगत फिर वेब संसार में चर्चा का केंद्र बन जाने वाले बेबाक और तेवरदार मीडिया न्यूज पोर्टल भड़ास4मीडिया पर रिसर्च का काम मिला था पत्रकारिता के छात्र निहाल सिंह को. वे दिल्ली विश्वविद्यालय के भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार पाठ्यक्रम के छात्र हैं. डीयू से जुड़े कालेज के पत्रकारिता विभाग ने निहाल को जो प्रोजेक्ट सौंपा उसका नाम है- ''भड़ास4मीडिया डॉट कॉम पर (अक्टूबर 2011) समाचारों के प्रस्तुतीकरण का अध्ययन.''
निहाल ने फेसबुक पर अपने रिसर्च वर्क के कवर पेज को भी अपलोड किया है जो यूं है...
उनके शोध निदेशक हैं प्रदीप कुमार सिंह. शोधार्थी निहाल के रिसर्च के सब्जेक्ट को उनके निदेशक प्रदीप के ओके कर दिया. फिर निहाल ने अपने निदेशक के निर्देशन में भड़ास ब्लाग शुरू किए जाने से लेकर भड़ास4मीडिया की स्थापना तक का इतिहास भूत वर्तमान खंगालना शुरू किया. इस क्रम में उन्होंने हजारों वेब पेजेज तलाशे और पढ़े. फिर अक्टूबर 2011 महीने में समाचारों का प्रस्तुतीकरण भड़ास4मीडिया पर किस तरह किया गया, इस पर बारीकी से निगाह रखकर अध्ययन किया. इस क्रम में उन्होंने भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह से संपर्क कर उन्हें दर्जन भर से ज्यादा सवाल मेल किए, जिनके जवाब मेल से ही यशवंत ने निहाल को भेज दिया. पत्रकार प्रदीप महाजन ने भी निहाल को उनके शोध कार्य में सलाह व मदद दी.

शोध छात्र निहाल
शोध छात्र निहाल
निहाल ने अपना रिसर्च वर्क कंप्लीट कर आज अपने शोध निदेशक के यहां सबमिट कर दिया है. इस खुशी को उन्होंने फेसबुक पर अपने दोस्तों के बीच कुछ यूं बयान किया है-  ''आखिर प्रोजेक्ट पूरा हो ही गया... दोस्तों लगभग पिछले एक महीने से भड़ास4मीडिया पर शोध कर रहा था जो आज पूरा हो गया... इस शोध को करने में अपने मित्रों के साथ-साथ आभारी हूं मेरे गुरु सामान प्रदीप महाजन जी का और और बड़े भाई व भड़ास के संपादक यशवंत सिंह का जिनके मार्गदर्शन की वजह से मैं इस शोध कार्य को पूरा कर पाया... दोस्तों इस शोध को करने में कई रात मैंने अपने कंप्यूटर के साथ गुजार दी.''